शुक्रवार, 21 जनवरी 2011

रिश्ते -- दिल और दिमाग




रिश्ते हमे चाहे जितने दर्द दे ॥
तब भी हम उन्हें दिल से निभाये जाते है ...

वो तो हमारे दिल में रहते है
जिनसे हम रिश्ते बना लेते है .....

क्योंकि जो रिश्ते दिमाग से निभाने की कोशिश करते है ....
वो हर रिश्ते को निभाने की एक वजह ढूँढा करते है ......

रिश्ते तो एक जज़्बात होते है .....
जो दिल से उठते है और दर्द हो या खुशी ...
दिल में ही बस जाते है .....

रिश्ते तो सिर्फ और सिर्फ दिल से बनते है ...
और दिल से ही निभाये जाते है

37 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत खूबसूरत बात कही है ..रिश्ते दिल से ही निभाए जाते हैं ..

    उत्तर देंहटाएं
  2. बहुत सुंदर लिखा है अजय और बिलकुल सही लिखा है / दिल के रिश्तों का कोई नाम हो जरुरी नहीं /
    बधाई हो

    उत्तर देंहटाएं
  3. > क्योंकि जो रिश्ते दिमाग से निभाने की कोशिश करते है ....
    > वो हर रिश्ते को निभाने की एक वजह ढूँढा करते है

    bahut gahri naat hai ye

    उत्तर देंहटाएं
  4. kuch rishte hote hain
    jo dukh dete hain
    or kuch rishto se jindgi khushal ban jati hai
    chahe koi bhi mod ho
    hum ye rishte dil se nibhate hi hai
    ...
    achhi rachna
    ..

    उत्तर देंहटाएं
  5. "रिश्ते तो एक जज़्बात होते है .....
    जो दिल से उठते है और दर्द हो या खुशी ...
    दिल में ही बस जाते है ....."

    सीधी, सही, सच्ची और बहुत अच्छी बात

    उत्तर देंहटाएं
  6. चर्चा मंच के साप्ताहिक काव्य मंच पर आपकी प्रस्तुति मंगलवार 25-01-2011
    को ली गयी है ..नीचे दिए लिंक पर कृपया अपनी प्रतिक्रिया दे कर अपने सुझावों से अवगत कराएँ ...शुक्रिया ..

    http://charchamanch.uchcharan.com/

    उत्तर देंहटाएं
  7. रिश्ते तो सिर्फ और सिर्फ दिल से बनते है ...
    और दिल से ही निभाये जाते है

    बिल्कुल सही बात कही।

    उत्तर देंहटाएं
  8. बहुत ही अहम् बात कही है तुमने अपनी इस कविता में.
    दिमाग केवल सच्चाई नापता है
    पर जीवन की गहराई महसूस होती है ,
    सिर्फ दिल से....

    उत्तर देंहटाएं
  9. क्योंकि जो रिश्ते दिमाग से निभाने की कोशिश करते है ....
    वो हर रिश्ते को निभाने की एक वजह ढूँढा करते है ......


    सच यही है ..बहुत सुंदर

    उत्तर देंहटाएं
  10. bahut hi sundar abhivyakti hai rishato ki ,dil se hi rishto ko nibhaya ja sakta hai dimag se nahi .achchhi line hai .

    उत्तर देंहटाएं
  11. JO DARD DIYE APNO NE DIYE ,GAIRON ME KAHAN DUM THA.
    MERI KASHI HAI WAHANDOOBI JAHAN PANI KUM THA.

    उत्तर देंहटाएं
  12. रिश्ते तो एक जज़्बात होते है .....
    जो दिल से उठते है और दर्द हो या खुशी ...
    दिल में ही बस जाते है .....

    WAAH!bahut khoob!!! lajawaab Ajaye ji

    उत्तर देंहटाएं
  13. सचमुच, रिश्ते तो दिल से ही निभाए जाते हैं

    उत्तर देंहटाएं
  14. रिश्ते तो सिर्फ और सिर्फ दिल से बनते है ...
    और दिल से ही निभाये जाते है..
    सच, रिश्ते तो दिल से ही निभाए जाते हैं.....बहुत सुंदर...

    उत्तर देंहटाएं
  15. sahi kaha aapne kucchh riste dil se banaye or dil se hi nivaye jaate hai...quki riston pe koi zor nhi chalta...bhut khubsurat bayakhaya kia hai aapne dil ke riste ko...

    उत्तर देंहटाएं
  16. सच, रिश्ते तो दिल से ही निभाए जाते हैं| धन्यवाद|

    उत्तर देंहटाएं
  17. सच, रिश्ते तो दिल से ही निभाए जाते हैं| धन्यवाद|

    उत्तर देंहटाएं
  18. कुछ लोग जीते जी इतिहास रच जाते हैं
    कुछ लोग मर कर इतिहास बनाते हैं
    और कुछ लोग जीते जी मार दिये जाते हैं
    फिर इतिहास खुद उनसे बनता हैं
    आशा है की आगे भी मुझे असे ही नई पोस्ट पढने को मिलेंगी
    आपका ब्लॉग पसंद आया...इस उम्मीद में की आगे भी ऐसे ही रचनाये पड़ने को मिलेंगी

    कभी फुर्सत मिले तो नाचीज़ की दहलीज़ पर भी आयें-



    बहुत मार्मिक रचना..बहुत सुन्दर...होली की हार्दिक शुभकामनायें!

    उत्तर देंहटाएं
  19. बहुत सुच कहा आपने रिश्ते दिल के लिए ही होते है आज कल तो इस स्वार्थी दुनिया में लोग रिश्ते सिर्फ टाइम पीरियड और मतलब के लिए बनाते हैं.
    सुन्दर रचना !!!!!!

    उत्तर देंहटाएं
  20. risthe dil se nibhaye jate he..dil se dil ko chu dene wali rachana he......

    उत्तर देंहटाएं
  21. अच्छे है आपके विचार, ओरो के ब्लॉग को follow करके या कमेन्ट देकर उनका होसला बढाए ....

    उत्तर देंहटाएं
  22. हिंदी भाषा के प्रोत्साहन के लिए इस ब्लॉग को बढ़ावा दे तथा इस लिंक पर क्लिक कर इस ब्लॉग को फोल्लो करे ! http://ajaychavda.blogspot.com/

    उत्तर देंहटाएं
  23. बिल्स्कुल सही कहा। मगर कई बार बेवजह हम रिश्त्तो से दूरी बना लेते हैं समझ नही पाते उनकी अहमियत जब दिमाग से काम लेने लगते हैंकै गलतफहमियाँ आ ही जाती हैं इसी बात पर दोाशार कहूँगी।

    इराबत हो जो रिश्तों मे बहुत दिन तक नही टिकते
    यकीं वो कर नही पाये तो हम करवा नही पाये


    नहीं है ज़िन्दगी के इम्तिहाँ का भी गणित निर्मल
    समझ पाये न वो मज़्मून हम समझा नही पाये
    अच्छी लगी आपकी कविता। शुभकामनायें।

    उत्तर देंहटाएं
  24. रिश्ते तो सिर्फ और सिर्फ दिल से बनते है ...
    और दिल से ही निभाये जाते है
    bahut sahi kaha aapne

    उत्तर देंहटाएं
  25. really a heart touchin poetry.really nice......

    उत्तर देंहटाएं
  26. रिश्ते हमे चाहे जितने दर्द दे ॥
    तब भी हम उन्हें दिल से निभाये जाते है ...

    वो तो हमारे दिल में रहते है
    जिनसे हम रिश्ते बना लेते है .....

    जिंदगी की सच्चाई यही है और जिंदगी भी... शुभकामनायें.... :)

    उत्तर देंहटाएं
  27. वो तो हमारे दिल में रहते है
    जिनसे हम रिश्ते बना लेते है ..

    waaaaaaah ....rishto ki nazakat se hum sab roz gujerte hai.....chahe kitna dard de hum dil se lagaye rahte hai......

    उत्तर देंहटाएं
  28. बहुत ही खुबसूरत
    और कोमल भावो की अभिवयक्ति......

    उत्तर देंहटाएं